Monday, December 9, 2019 7:58 AM
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विचार

आदमी की तलाश क्यों जरूरी है

आज हमें ऐसे आदमी की तलाश है जो जीवन के मूल्य मानकों के प्रति बने सोच एवं नजरिए को सही दृष्टि एवं सही दिशा दे। उन सिद्धांतों को नया अर्थ दे जिन पर आज तक लोगों ने अंगुली उठाई है लेकिन जीने का साहस नहीं किया। उन आदर्शों को जीए ...

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विकास का कुल्हाड़ा और बलि के बकरे ‘पेड़’

विकास के नाम पर या उसकी आड़ में पहली गाज पेड़ों पर गिरती है। ये कोई नयी बात नहीं है। आजादी के बाद से ही देश में विकास का पहला शिकार पेड़ ही बनें। लेकिन ताज्जुब इस बात का है कि आजादी के सात दशक बाद भी हम पर्यावरण अनुकूल ...

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हिंसा से बढ़ता सामाजिक अलगाव एवं अकेलापन

आज देश ही नहीं, दुनिया में हिंसा, युद्ध एवं आक्रामकता का बोलबाला है। जब इस तरह की अमानवीय एवं क्रूर स्थितियां समग्रता से होती है तो उसका समाधान भी समग्रता से ही खोजना पड़ता है। हिंसक परिस्थितियां एवं मानसिकताएं जब प्रबल हैं तो अहिंसा का मूल्य स्वयं बढ़ जाता है। ...

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प्रकृति ही देगी प्लास्टिक का हल

आदमी भी क्या अनोखा जीव है, उलझनें अपनी बनाकर आप ही फंसता है, फिर बेचैन हो जगता है और ना ही सोता है।“ आज जब पूरे विश्व में प्लास्टिक के प्रबंधन को लेकर मंथन चरम पर है तो रामधारी सिंह दिनकर जी की ये पंक्तियाँ बरबस ही याद आ जाता ...

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भुखमरी एवं अभाव में भारत का अग्रणी होना !

एक तरफ भारत को दुनिया में एक उभरती आर्थिक महाशक्ति के रूप में देखा जा रहा है और दूसरी तरफ सबसे ज्यादा भूखे लोगों के देश के रूप में इसकी गिनती होती है, यह विरोधाभास मोदी सरकार के विकास एवं संतुलित समाज की संरचना  पर एक प्रश्न है। किसी भी ...

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समय मिले तो हमें अपनी सामर्थ्य के अनुसार दूसरों का भला करना चाहिए

अर्थशास्त्र से परास्नातक की डिग्री लेने के बाद मैं नौकरी करने के उद्देश्य से अमेरिका चली गई। यों तो मैं बंगलूरू की रहने वाली हूं, पर मेरी उच्च शिक्षा पंजाब यूनिवर्सिटी, पटियाला से हुई है। अमेरिका जाने के बाद शुरुआती दौर में नौकरी नहीं मिली, तो मैंने वहां के एक डे-केयर सेंटर ...

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जिन्दगी हर पल एक नया अवसर है

  ललित गर्ग  हमारी जिंदगी उतार-चढ़ावों से भरी होती है। और हम सब सोचते हैं कि यदि अवसर मिलता तो एक बढ़िया और नेक काम करते। लेकिन हमारी बढ़िया या नेक काम करने की इच्छा अधूरी ही रहती है क्योंकि अक्सर जब हम जिंदगी के बुरे दौर से गुजरते ...

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क्यों असुरक्षित है भारत के बच्चें 

ललित गर्ग चंडीगढ़ में एक पीजी में रहने वाली दो बहनों की हत्या ने न केवल शहर को बल्कि समूचे राष्ट्र को दहला दिया है। इस खौफनाक एवं त्रासद घटना ने रेखांकित किया है कि अपराधी किसी कानूनी कार्रवाई और पुलिस के भय के बिना अपनी मनमानी एवं अपराधी मानसिकता ...

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10 विचार जो आपको देंगे हर हालत में जीतने का जज्बा

मंजिल पर पहुंचने से पहले का रास्ता थकाने और हिम्मत तोड़ने वाला होता है. ऐसे में कोई भी हार कर बैठ सकता है. लेकिन जो अपने जज्बे को बनाए रखते हैं, वे बाद में किस्मत के धनी कहलाते हैं. अगर आप भी इस श्रेणी में आना चाहते हैं तो दुनिया ...

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मुझे पापा कहने का हक है

डा. राजीव 10 बजतेबजते तैयार हो कर कालिज पहुंच गए. वे जैसे ही अपने आफिस में पहुंचे चपरासी आवेदकों के प्रार्थनापत्र उन की मेज पर रख गया. एक के बाद एक कर अभ्यर्थी आते और जाते रहे. हालांकि चयन कमेटी में उन के अलावा 4 व्यक्ति और भी बैठे थे ...

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